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तलाश

किसकी तलाश है पता नहीं

कौन है पता नहीं

शायद कोई हवा है कोई

या आने वाला है कोई

नहीं जानती हूँ में

पर लगता है कोई दवे पाव आ रहा है

मेरी और

कौन है शायद मेरी मौत

किसकी तलाश है मुझे

जो पूरी नहीं हुई

लगता है कोई सुख

या नन्ही see हंसी

जो मन को खुश कर rehi है

मेरी तलाश पूरी हुई

यमराज मुझे लेने आया है

और मेरी तलाश पूरी हुई

वहा भी सब दुखी है

पर मुझे लगता है की सुख

और दुःख इसी जीवन में मिलते है

sawrag और narak इसी दुनिया में है

मेरी तलाश पूरी हुई

तलाश थी मौत की

जो यमराज लेकर चले गए

जिन्दगी  बिकती है
रिश्ते बिकते है
प्यार बिकता है
बहुत खरीदार है इन सबको खरदीने के लिए
यहाँ हर रिश्ता बिकता है
कफन  बिकता है
मुर्दे भी बिकते है
सारा  संसार   बिकाऊ है
आप जो खरीद लो
पैसा ही भगवान है यहाँ पैर
क्या क्या खरीदोगे आप
ये socho
सब मिलता है
यहाँ पर 
जिस देश में सब बिकता है
वहा खरीदार बहुत  कम है
भगवन बिकते है
पुजारी बिकते है
सब आमिरो के हाथ में है
क्या करे हम
जिसके पास पैसे  नहीं है
कैसे खरीदे वो ये सब सामान
बताये  जरा  
आप हमें







नीद आती है
हम सो जाते है
खो जाते है
प्यारे से खाबो में
खाब जो कभी सच  नहीं होते,
या होते है
हम कुछ कह नहीं सकते
नीद आने के बाद
मिलाता है सुकून
भूल जाते है हम
सरे अपने गम
एक नीद और होती है
जिसमे शरीर सिथिल हो जाता है
और atma एक
शरीर छोड़ दूसरे में प्रवेश कर जाती है
वो शरीर थक जाता है
इतना की कभी उठाना नहीं chaata
नीद और सुकून के साथ
होता है बहुत  pyara